गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता | वीरपुर/बेगूसराय
बलान नदी,वैंती नदी, बुढ़ी गंडक नदी में छठ पूजा से पूर्व इन नदियों में इन दिनों एकाएक जल अस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि लगातार होने उपर से जल कुंभी से अच्छा दीत जल ग्रहण क्षेत्र और भी खतरनाक हो गया है।
प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की मिली भगत से अवैध मिट्टी व वालू खनन माफीयाओं के द्वारा किए जाने से छठ घाटों पर छठ व्रतियों के लिए खतरा से खाली नहीं है।
आप को बताते चलें कि वीरपुर प्रखंड क्षेत्र में कुल 44 छठ घाट हैं। जहां छठ व्रतियों के द्वारा षष्ठी यानी सोमवार को सायं कालीन अर्घ्य दान और सप्तमी यानी मंगलवार को प्रातः कालीन अर्घ्य दान करेंगे।
जिसमें से बलान नदी में 23 छठ घाट हैं।तो बुढ़ी गंडक नदी और वैंती नदी समेत खैय और कुरनामा जलाशय में 21 छठ घाट हैं।
जिसमें से एक तकिया छठ घाट बुढी गंडक नदी को पहले ही प्रतिबंधित घाट घोषित किया गया है। शेष 20 छठ घाटों में खतरनाक और अती खतरनाक घाट भी हैं।
वीरपुर वीडियो पंकज कुमार शक्ति धर, सीओ भाई विरेंद्र, थाना अध्यक्ष रवींद्र कुमार लगातार छठ घाटों का मुआयना कर रहे हैं। पदाधिकारियों ने बताया कि व्यक्ति गत नाव परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा।
स्थानीय गोता खोरों की व्यवस्था किया जाएगा, छठ घाटों पर बेरीकेटिंग और प्रकाश कि समुचित व्यवस्था के लिए शांति समिति कि बैठक में संबंधित पंचायत के जनप्रतिनिधियों से कहा गया है।
