नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
बेगूसराय के चतुर्थ अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सबा आलम ने टाईगर मोबाइल के द्वारा मारपीट एवं सरकारी पिस्तौल से फायरिंग के मामले में अभियुक्त टाईगर मोबाइल के जवान अमित उराव को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया है। रतनपुर थाना कांड संख्या 83/24 के मामले में सूचक नगर थाना बेगूसराय में कार्यरत पुलिस अवर निरीक्षक अरुण कुमार ने लिखित प्रतिवेदन देकर टाईगर मोबाइल अमित उराव के विरुद्ध एक व्यक्ति के साथ मारपीट एवं सरकारी पिस्तौल से फायरिंग करने का आरोप लगाया।
इस संबंध में जानकारी देते हुए वरीय अधिवक्ता सह पूर्व लोक अभियोजक सैयद मो. मंसूर आलम ने बताया कि सूचक अरुण कुमार के द्वारा झूठा मुकदमा कर फंसाने के लिए यह षड्यंत्र रचकर लिखित प्रतिवेदन देकर टाईगर मोबाइल के जवान पर मारपीट एवं सरकारी पिस्तौल से फायरिंग करने की मामला दर्ज कराया गया था।इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक के द्वारा कुल आठ गवाहों की गवाही कराई गई। जिसमें सभी गवाह पुलिस कर्मी ही थे।
अधिकांश गवाहों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि अमित उराव ने सूचक के साथ मारपीट नहीं किया है, और ना ही सरकारी पिस्तौल से फायरिंग किया है।इसके साथ ही लिखित प्रतिवेदन में नशा करने की बात अंकित किया गया है, जबकि जांच में नशे की पुष्टि नहीं हुई।
न्यायाधीश ने तर्कों के आधार पर सूचक पुलिस अवर निरीक्षक अरुण कुमार एवं अन्य पुलिसकर्मी के द्वारा दिए गए गवाह के बयानों पर उचित विचार करते हुए अभियुक्त अमित उराव को रिहा किया गया। अभियुक्त को 21 अक्टूबर 2024 से न्यायिक अभिरक्षा में बंद था।
