गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी /बेगूसराय
बखरी प्रखंड क्षेत्र के डरहा स्थित चैती दुर्गा स्थान में वासंतिक नवरात्र के पावन अवसर पर भव्य दुर्गा महाआरती की शुरुआत की गई है।
नवरात्र के तीसरे दिन माँ दुर्गा के तीसरे स्वरूप, माँ चंद्रघंटा की विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की गई।इस आयोजन को विशेष और आकर्षक बनाने के लिए वाराणसी के अस्सी घाट से अनुभवी पुरोहितों को आमंत्रित किया गया है। पारंपरिक वेशभूषा में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की जा रही महाआरती श्रद्धालुओं को काशी जैसी भव्य आध्यात्मिक अनुभूति करा रही है।मंदिर परिसर को सुंदर ढंग से सजाया गया है।
प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर माँ दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। महाआरती के दौरान पूरा वातावरण भक्तिमय हो जाता है, जहां श्रद्धालु दीप, धूप और मंत्रोच्चार के साथ आरती में शामिल होकर आध्यात्मिक आनंद का अनुभव कर रहे हैं।महाआरती की विशेष व्यवस्था माँ गंगा सेवा संस्थान, वाराणसी द्वारा की गई है, जिससे स्थानीय लोगों को काशी जैसा माहौल मिल रहा है।
आरती के व्यवस्थापक शास्त्री राघव झा ने बताया कि श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए इस भव्य महाआरती की शुरुआत की गई है। उन्होंने जानकारी दी कि वाराणसी के विद्वान पुरोहितों द्वारा वैदिक रीति से पूजा कराई जा रही है और यह आयोजन 27 मार्च तक प्रतिदिन जारी रहेगा।
मंदिर कमेटी के राजकुमार राय ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत करना और लोगों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है। महाआरती को लेकर स्थानीय लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।
