गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगुसराय
वीरपुर स्थित महिनाथ स्थान में आयोजित सात दिवसीय श्रीविष्णु महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। धार्मिक वातावरण और भक्ति रस से सराबोर कथा का आनंद लेने के लिए आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।
गुरुवार की देर संध्या अयोध्याधाम से पधारे कथावाचक गुरुणेश जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए कहा कि मनुष्य को सदैव सत्य का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सामान्य परिस्थितियों में झूठ बोलना उचित नहीं है, लेकिन किसी निर्दोष व्यक्ति के प्राणों की रक्षा, किसी के सम्मान की सुरक्षा अथवा किसी बड़े अनर्थ और विवाद को टालने जैसी विशेष परिस्थितियों में असत्य का सहारा लिया जा सकता है।
कथावाचक ने मदिरापान के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि इसका प्रभाव केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसके वंश पर भी पड़ता है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में वर्णित है कि जिस पात्र में मदिरा रखी जाती है, उसे गंगाजल भी पूर्ण रूप से पवित्र नहीं कर सकता।
राजा परीक्षित और कलियुग से जुड़े प्रसंग का वर्णन करते हुए गुरुणेश जी महाराज ने कहा कि जब राजा परीक्षित ने धर्म का नाश करते हुए कलि को देखा, तब उन्होंने उसका वध नहीं किया, बल्कि उसे पृथ्वी पर रहने के लिए पांच स्थान निर्धारित किए। उन्होंने बताया कि जुआ, मद्यपान, वेश्यावृत्ति, हिंसा और स्वर्ण ऐसे स्थान हैं, जहां कलियुग का वास माना गया है और इन्हीं माध्यमों से वह मनुष्य के मन और बुद्धि पर प्रभाव डालता है।
कथा के दौरान विभिन्न धार्मिक प्रसंगों और भजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को श्रीमद्भागवत की महत्ता से अवगत कराया गया। पूरा परिसर भक्ति और श्रद्धा के वातावरण से गुंजायमान रहा।
इस अवसर पर पंडित राजगुरु, पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, अनिता देवी, उपमुखिया मीनू देवी, विनोद कुमार, रामूर्ति सिंह, शिक्षक सर्वेश झा, डॉ. राम आह्लाद राय, संजय झा, नवीन कुंवर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
