गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
बखरी में चल रहे बीते एक सप्ताह से श्री मदभागवत कथा ज्ञान यज्ञ में कथावाचक श्री अंकिता नन्द जी महाराज (अयोध्या) ने कहा कि सत्संग जीवन में उतारने का एक साधन है। सशक्त चरित्र निर्माण के लिए हमें ग्रंथ व शास्त्रों का अध्ययन करना होगा। सत्संग से जुड़ना होगा। उन्होंने कहा कि “बिनु सत्संग विवेक न होई, राम कृपा बिनु सुलभ न सोई”।
उन्होंने आगे कहा है श्रीमद् भगवत कथा भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का संगम है। ज्ञान और भक्ति के लिए धैर्य की जरूरत है। तभी यह सार्थक हो सकती है।कथावाचक श्री ने कहा कि सत्संगति आनंद और सभी कल्याणों का मूल है। सत्संग सही मार्ग पर चलने की समझ देता है।उन्होंने यह भी कहा कि देश सर्वोपरि है। सनातन धर्म में हमारे ग्रन्थ धर्म की रक्षा के साथ साथ राष्ट्र की रक्षा करने का भी संदेश देते हैं।
ज्ञान यज्ञ में कथावाचक द्वारा सुखदेव चरित्र, शिव पार्वती विवाह, प्रहलाद चरित्र, श्रीकृष्ण जन्म, रुक्मणि मंगल जैसे विभिन्न चरित्रों का विस्तार से चित्रण किया गया।
कार्यक्रम में संयोजक सोनू महाराज,अशोक तुलस्यान उर्फ ढप्पू जी, प्रदीप टमकोरिया, प्रदीप नेमानी, प्रकाश टिबरेवाल,सोनू भड़ौंदिया, राजेश टमकोरिया, अलका अग्रवाल, विवेक खेतान, दीपक सुल्तानिया सहित मारवाड़ी सम्मेलन के सदस्य व पदाधिकारी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। कथा सुनने लोगों की भाड़ी भीड़ उमर रही है।
