गौरव कुमार AV भारत न्यूज संवाददाता बखरी /बेगूसराय।
बिहार सरकार ने राज्य के सभी नवसृजित डिग्री कॉलेजों में 1 जुलाई से शैक्षणिक सत्र शुरू करने की घोषणा की है, लेकिन बखरी के नवसृजित डिग्री कॉलेज में अब तक न तो आधारभूत सुविधाएं पूरी हो सकी हैं और न ही पठन-पाठन शुरू करने की कोई ठोस तैयारी दिख रही है।
इससे स्थानीय छात्रों और अभिभावकों में निराशा है। करीब एक दशक के लंबे संघर्ष और भूमि संबंधी बाधाओं के बाद बखरी को डिग्री कॉलेज की सौगात मिली थी। रामपुर स्थित चयनित भूमि पर अप्रैल 2022 में कॉलेज भवन का शिलान्यास किया गया था। लगभग छह करोड़ रुपये की लागत से बन रहे भवन का निर्माण कार्य सवा चार वर्ष बाद भी करीब 70 प्रतिशत ही पूरा हो सका है। निर्माण एजेंसी मालती कंस्ट्रक्शन पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता राजेश अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर नए शैक्षणिक सत्र को देखते हुए बखरी में वैकल्पिक भवन की व्यवस्था कर जल्द से जल्द डिग्री कक्षाएं शुरू कराने की मांग की है। उल्लेखनीय है कि बखरी अनुमंडल बने 32 वर्ष हो चुके हैं, लेकिन अब तक यहां डिग्री कॉलेज का संचालन शुरू नहीं हो पाया है। इसके कारण छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए 30 से 40 किलोमीटर दूर अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है।


