विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (एआईएसएफ) तेघड़ा अंचल परिषद की बैठक शनिवार को आयोजित की गई। बैठक के बाद कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने कार्यालय से मेन चौक तक आक्रोश मार्च निकालकर केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों के विरोध में जमकर नारेबाजी की।

बैठक को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के जिला सचिव मोहम्मद हश्मत उर्फ बलाजी तथा सनातन प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल में देश की शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय छात्रों को विभिन्न कार्यक्रमों और रैलियों में शामिल किया जाता है, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में किए गए वादों को पूरा नहीं किया जाता। उनका कहना था कि गरीब और सामान्य परिवार के छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के बजाय सरकार शिक्षा व्यवस्था की उपेक्षा कर रही है, जबकि सत्ताधारी दल के कई नेता अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए विदेश भेजते हैं। उन्होंने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए शिक्षा व्यवस्था को पहले की तरह मजबूत बनाने की मांग की।
बैठक के बाद एआईएसएफ तेघड़ा अंचल परिषद के नेतृत्व में कार्यालय से मेन चौक तक आक्रोश मार्च निकाला गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना, नई शिक्षा नीति वापस लेने, बढ़ती महंगाई पर रोक लगाने तथा बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की मांग को लेकर नारे लगाए।

अंचल सचिव प्रिंस कुमार और अंचल अध्यक्ष मोहम्मद सिराज ने कहा कि बिहार सहित पूरे देश के छात्रों को बेहतर शिक्षा और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उनका आरोप था कि शिक्षा और रोजगार जैसे मूल मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय समाज को धार्मिक आधार पर बांटने की राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि देश की तरक्की सभी वर्गों और सभी धर्मों के लोगों को साथ लेकर चलने से ही संभव है और सरकार को शिक्षा एवं रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर गंभीरता से काम करना चाहिए।
बैठक और आक्रोश मार्च में अंचल सचिव प्रिंस कुमार, अंचल अध्यक्ष मोहम्मद सिराज, विवेक पाठक, एमडी अरमान, राहुल कुमार, संजीव कुमार, राजू कुमार, कन्हैया कुमार, अब्दुल रहमान, अब्दुल वाहिद, रोशन कुमार, अक्षय कुमार, सिंटू कुमार, साहेब, एमडी सईद, कुर्बान, जितेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं छात्र-छात्राएं मौजूद थे।


