नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगुसराय
नावकोठी थाना क्षेत्र के हसनपुर बागर गांव से दो मासूम बच्चों को बहला-फुसलाकर ले जाने की घटना में नावकोठी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहरण की साजिश को कुछ ही घंटों में विफल कर दिया। बखरी एसडीपीओ कुंदन कुमार के नेतृत्व में नावकोठी, बखरी और गढ़पुरा थाना पुलिस की संयुक्त घेराबंदी से घबराकर आरोपी दोनों बच्चों को बीच रास्ते में छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर परिजनों के हवाले कर दिया।
जानकारी के अनुसार, हसनपुर बागर निवासी रोहित साह का नौ वर्षीय पुत्र तथा धीरज पासवान का आठ वर्षीय पुत्र सोमवार की शाम मोहल्ले में खेल रहे थे। इसी दौरान परिहारा थाना क्षेत्र निवासी अरविंद गोस्वामी का पुत्र अजीत कुमार दोनों बच्चों को दस-दस रुपये देने का लालच देकर अपने साथ ले गया। काफी देर तक बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजन चिंतित हो गए। आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन जब उनका कोई सुराग नहीं मिला तो इसकी सूचना तत्काल नावकोठी थाना को दी गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बखरी एसडीपीओ कुंदन कुमार के नेतृत्व में नावकोठी, बखरी और गढ़पुरा थाना की पुलिस टीमों ने संभावित सभी मार्गों पर घेराबंदी कर सघन छापेमारी शुरू कर दी। पुलिस की सक्रियता की भनक लगते ही आरोपी घबरा गया और दोनों बच्चों को बीच रास्ते में छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। पुलिस टीम ने कुछ ही घंटों के भीतर दोनों बच्चों को सकुशल बरामद कर उनके परिजनों को सौंप दिया। बच्चों के सुरक्षित मिलने के बाद परिवार के लोगों ने राहत की सांस ली।
नावकोठी थानाध्यक्ष मो. फिरदौस ने बताया कि फरार आरोपी अजीत कुमार की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी पूर्व में हत्या के प्रयास और शराब तस्करी सहित कई आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। इस मामले में पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपी के सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उसे जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
घटना के बाद हसनपुर बागर सहित आसपास के क्षेत्रों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर लोगों में चिंता का माहौल है। वहीं पुलिस की त्वरित कार्रवाई की ग्रामीणों ने सराहना की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय नहीं होती तो मामला गंभीर रूप ले सकता था। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि बच्चों को अकेले बाहर न भेजें तथा किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।

