विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के अतरुआ गांव पछियारी टोला स्थित प्राचीन मां काली मंदिर में आषाढ़ शुक्ल पक्ष नवमी के अवसर पर वार्षिक पूजा श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर आसपास के गांवों सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने मां काली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि एवं मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना की।
क्षेत्र की आस्था का केंद्र माने जाने वाले इस मंदिर में वर्षभर नियमित पूजा-अर्चना होती है। मंदिर में एक पुजारीन नियुक्त हैं, जो विशेष अवसरों पर विधि-विधान से पूजा कराती हैं। हालांकि आषाढ़ नवमी की पूजा का यहां विशेष महत्व है और इसे वार्षिक पूजा के रूप में मनाया जाता है।
पूजा की शुरुआत मंगलवार की रात से ही हो गई थी। मंदिर परिसर में रातभर जागरण, भजन-कीर्तन और माता के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। बुधवार सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। पारंपरिक मान्यता के अनुसार वार्षिक पूजा के अवसर पर बलि प्रथा का भी पालन किया गया। दर्जनों श्रद्धालुओं ने अपनी मन्नत पूरी होने पर खस्सी की बलि चढ़ाई। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया गया और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु यहां पूजा-अर्चना और बलि अर्पित करते हैं। विवाह सहित अन्य मांगलिक कार्यों से पहले भी लोग मां काली का आशीर्वाद लेने मंदिर पहुंचते हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार यह मंदिर वर्षों पुराना है और क्षेत्रवासियों की गहरी आस्था इससे जुड़ी हुई है। पहले मंदिर ईंट और खपरैल का था, जिसे बाद में श्रद्धालुओं के सहयोग से पक्का बनाया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा और “जय मां काली” के जयघोष से वातावरण भक्तिमय बना रहा।


