बेगूसराय को दूसरी बार मिला ऐसा प्रशासनिक दंपती, पति DM तो पत्नी भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी
नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
बेगूसराय जिले को नया जिलाधिकारी मिल गया है। 2016 बैच के आईएएस अधिकारी रिची पांडेय को बेगूसराय का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। रिची पांडेय के बेगूसराय का डीएम बनने के साथ जिले से उनका पुराना जुड़ाव भी एक बार फिर सामने आया है। इससे पहले वह बेगूसराय में डीडीसी के पद पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
रिची पांडेय की पत्नी ताविशी बहल पांडेय भी प्रशासनिक सेवा से जुड़ी हैं। वह 2011 बैच की भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी हैं और वर्तमान में ओमान की राजधानी मस्कट स्थित भारतीय दूतावास में डिप्टी चीफ ऑफ मिशन और पॉलिटिकल ऑफिसर के पद पर तैनात हैं। मस्कट जाने से पहले वह वर्ष 2022 तक पटना पासपोर्ट कार्यालय में भी कार्यरत थीं।
इस तरह बेगूसराय को दूसरी बार ऐसा प्रशासनिक दंपती मिला है, जिसमें पति जिले के जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और पत्नी भारतीय विदेश सेवा में महत्वपूर्ण पद पर कार्यरत हैं।
पहले भी बेगूसराय में दे चुके हैं सेवा
रिची पांडेय इससे पहले बेगूसराय में डीडीसी के पद पर कार्य कर चुके हैं। वह 27 सितंबर 2019 को बेगूसराय के उप विकास आयुक्त (डीडीसी) के रूप में पदभार ग्रहण किए थे। उस समय जिले के जिलाधिकारी अरविंद कुमार वर्मा थे। रिची पांडेय सितंबर 2019 से फरवरी 2020 तक बेगूसराय के डीडीसी रहे। इसके बाद उनका तबादला पटना डीडीसी के पद पर कर दिया गया।
इससे पहले वह वैशाली जिले के महुआ अनुमंडल में अनुमंडलाधिकारी के पद पर वर्ष 2018 से 2019 तक कार्यरत रहे थे।
सीतामढ़ी के भी रह चुके हैं जिलाधिकारी
रिची पांडेय बिहार कैडर के 2016 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 14 फरवरी 1988 को हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग में स्नातक और व्यवसाय प्रशासन में स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है। आईएएस सेवा में आने के बाद उन्होंने विभिन्न प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी संभाली।
रिची पांडेय ने 6 मार्च 2024 को सीतामढ़ी के जिलाधिकारी के रूप में पदभार संभाला था। इससे पहले वह सहायक सचिव के पद पर कार्यरत थे। अब 17 अगस्त 2026 को जारी तबादला आदेश के बाद उन्हें बेगूसराय का नया जिलाधिकारी बनाया गया है।
रिची पांडेय के बेगूसराय डीएम बनने से जिले में प्रशासनिक स्तर पर उनके पुराने अनुभव को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब उनके सामने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को संभालने के साथ विकास कार्यों को गति देने और आम लोगों की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी होगी।


