नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
चेरिया बरियारपुर प्रखंड क्षेत्र के सकरबासा गढ़सायल विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समाचार संकलन करने पहुंचे स्थानीय पत्रकार अरुण कुमार (अरुण साह) ने विद्यालय के शिक्षकों पर दुर्व्यवहार करने, रिपोर्टिंग से रोकने और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पत्रकार ने बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष लिखित परिवाद दर्ज कराया है।
परिवाद में अरुण कुमार ने बताया है कि 15 अगस्त 2026 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर वे समाचार संकलन और कार्यक्रम की वीडियो रिपोर्टिंग के लिए सकरबासा गढ़सायल विद्यालय पहुंचे थे। इसी दौरान विद्यालय के एक शिक्षक, जिनका नाम परिवाद में पंकज कुमार बताया गया है, तथा एक अन्य शिक्षक द्वारा उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया।
शिकायत के अनुसार, पत्रकार ने अपना परिचय देते हुए रिपोर्टिंग करने की बात कही, लेकिन आरोप है कि दोनों शिक्षकों ने उन्हें वीडियो बनाने से मना कर दिया। इसके बाद उनके साथ कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई। पत्रकार का आरोप है कि आईडी कार्ड दिखाकर अपनी पहचान बताने के बावजूद उनका मोबाइल छीन लिया गया और उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया गया।
अरुण कुमार ने परिवाद में कहा है कि इस घटना के कारण उन्हें मानसिक परेशानी और अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ ही विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है।
शिकायत में घटना से संबंधित वीडियो उपलब्ध होने की बात भी कही गई है। शिकायतकर्ता ने आवश्यकता पड़ने पर उक्त वीडियो को संबंधित पदाधिकारी के समक्ष साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत करने की बात कही है। परिवाद में विद्यालय की प्रबंधक रंजना कुमारी को भी घटना की जानकारी दिए जाने का उल्लेख किया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, घटना के संबंध में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, चेरिया बरियारपुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन तत्काल संपर्क नहीं हो सका।
25 अगस्त को होगी सुनवाई
बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत दर्ज परिवाद की सुनवाई एवं निवारण के लिए 25 अगस्त 2026 को सुबह 11 बजे की तिथि निर्धारित की गई है। आवेदन में बताया गया है कि सुनवाई स्थल की जानकारी शिकायतकर्ता को एसएमएस और ईमेल के माध्यम से दी जाएगी।
फिलहाल मामला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष पहुंचने के बाद जांच और सुनवाई की प्रक्रिया में है। शिक्षकों पर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। आगामी सुनवाई में शिकायतकर्ता की ओर से उपलब्ध कराए जाने वाले वीडियो या अन्य साक्ष्यों तथा संबंधित पक्ष के जवाब के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

