नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
नावकोठी अंचल क्षेत्र के विष्णुपुर पंचायत में बसेरा अभियान के तहत बासगीत पर्चा वितरण में कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि अभियान के तहत कुछ अपात्र एवं आर्थिक रूप से संपन्न लोगों को भी बासगीत का पर्चा दिया गया है। मामले को लेकर जिलाधिकारी से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि पर्चा निर्गत करने में नियमों की अनदेखी की गई तथा खतियानी कब्रिस्तान, केवाला से खरीदी गई निजी जमीन और गैरमजरूआ आम सड़क की जमीन को भी इसमें शामिल किया गया। कब्रिस्तान की जमीन से संबंधित पर्चा निर्गत किए जाने की सूचना के बाद मुस्लिम समुदाय में भी नाराजगी की बात कही गई है।
मामले को लेकर आयोजित प्रेस वार्ता में समाजसेवी संजीव सिंह, जनसुराज पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार, सीपीएम शाखा मंत्री देवनारायण महतो समेत अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार विष्णुपुर पंचायत के सैदपुर चौक के पूरब और पश्चिम स्थित खतियानी कब्रिस्तान की जमीन खाता संख्या 547 तथा खेसरा संख्या 848/1772 और 857 में दर्ज है। इसका कुल रकबा करीब एक बीघा 18 कट्ठा 14 धूर बताया गया है। आरोप है कि खेसरा संख्या 848/1772 की जमीन के करीब डेढ़ कट्ठा हिस्से पर सैदपुर निवासी खाद व्यवसायी सुखदेव साह के पुत्र नंदकिशोर साह का कथित कब्जा है। इसी जमीन से संबंधित मामले में उनके अविवाहित पुत्र रितिक कुमार के नाम एक डिसमिल जमीन का बासगीत पर्चा निर्गत किए जाने का दावा किया गया है।
इसी तरह डीलर सुरेश साह के अविवाहित पुत्र रितेश कुमार के नाम पांच डिसमिल जमीन का पर्चा दिए जाने तथा खाद व्यवसायी एवं हार्डवेयर दुकानदार नंदकिशोर साह को खाता संख्या 546, खेसरा संख्या 146 में 46 डिसमिल जमीन का पर्चा दिए जाने का भी दावा शिकायतकर्ताओं ने किया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संबंधित परिवारों के पास पहले से पक्के मकान, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, वाहन और पर्याप्त जमीन-जायदाद मौजूद है। ऐसे में उन्हें बसेरा अभियान के तहत पर्चा दिए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।
वहीं, विष्णुपुर के मिष्ठान एवं दही विक्रेता शंकर पोद्दार की पत्नी विभा देवी को भी बासगीत पर्चा दिए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ताओं के मुताबिक संबंधित परिवार के पास पहले से तीन मंजिला मकान है। साथ ही शंकर पोद्दार के नाम पूर्व में दो अलग-अलग बासगीत पर्चे दिए जाने की बात भी कही गई है।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के अनुसार अंचल कार्यालय के कर्मियों, अमीन एवं राजस्व कर्मचारियों द्वारा विष्णुपुर पंचायत के मनेरपुर, नीरपुर, देवपुरा और विष्णुपुर गांवों में करीब 149 लोगों को 12 जुलाई 2026 को पर्चा निर्गत करने की प्रक्रिया पूरी की गई। आरोप है कि इनमें कई आर्थिक रूप से सक्षम लोग भी शामिल हैं।
शिकायतकर्ताओं ने तत्कालीन अंचल अधिकारी सूरज कुमार, राजस्व कर्मचारी अवधेश पासवान एवं उनके पुत्र आनंद कुमार के कार्यकाल में भी भू-माफिया और बिचौलियों की कथित मिलीभगत से अपात्र लोगों को पर्चा दिए जाने का आरोप लगाया है। इस दौरान करोड़ों रुपये के लेन-देन का भी आरोप लगाया गया है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
पर्चा वितरण और विवादित जमीन से जुड़े आरोपों को लेकर अंचल अधिकारी, कार्यालय कर्मियों एवं राजस्व कर्मचारियों से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से मामले पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं मिली।
सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी से विष्णुपुर पंचायत में बसेरा अभियान के तहत निर्गत सभी बासगीत पर्चों की स्थल जांच, दस्तावेजों की जांच और लाभुकों की आर्थिक स्थिति का सत्यापन कराने की मांग की है। साथ ही कब्रिस्तान, सड़क या अन्य सार्वजनिक भूमि पर नियम विरुद्ध पर्चा निर्गत पाए जाने पर उसे रद्द करने तथा संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों की भूमिका की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
इस संबंध में अंचल अधिकारी मुकेश कुमार ने मामले से अनभिज्ञता जाहिर करते हुए कहा कि आवेदन के आलोक में जांच कराई जाएगी।


