पैतृक गांव पीढौली सहित पुलिस महकमे में शोक की लहर
अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्युज संवाददाता तेघड़ा/बेगूसराय
2009 बैच के दारोगा और पटना के फतुहा के पूर्व थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर बेगूसराय जिला अंतर्गत प्रखंड तेघड़ा के पीढौली बाजितपुर के रहने वाले रूपक कुमार अम्बुज की डेंगू से मौत हो गई।उन्होंने दिल्ली में अंतिम सांस ली।पटना के फतुहा के पूर्व थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर रूपक कुमार अम्बुज का निधन दिल्ली में इलाज के दौरान हो गया। अम्बुज का निधन दुखद और अपूर्णीय क्षति के बाबत उनके मामा कांग्रेसी नेता सरोज पासवान ने बताया कि रूपक कुमार अम्बुज पिछले महीने तेज बुखार के कारण छुट्टी लेकर पीढौली आए थे। जहां तेघरा के चिकित्सक से दिखाया गया । डेंगू की शिकायत मिली, जिसके बाद करीब एक महीना तक उनका इलाज दिल्ली के गंगा राम अस्पताल में चल रहा था और उस समय से ही वो आईसीयू में ही थे, लेकिन करीब एक महीने तक आईसीयू में रहने के बाद 26 सितंबर, 2025 दिन शुक्रवार को उनकी मौत की खबर आई।
निधन की सूचना मिलते ही पीढौली गांव सहित पूरे तेघड़ा क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बता दें कि रूपक कुमार अम्बुज बिहार पुलिस के 2009 बैच के दारोगा थे। प्रोन्नति के बाद इंस्पेक्टर बने और फिर रूपक कुमार अम्बुज फतुहा थाना के पूर्व थाना अध्यक्ष रहे। बीमार पड़ने के बाद किसी दूसरे को सहायक थाना अध्यक्ष के रूप में पोस्टिंग की गई थी उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाजितपुर पीढौली से सेवानिवृत्ति प्रधानाध्यापिका चंद्रकला देवी एवं राजेंद्र पासवान सदस्य बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी पटना के छोटे पुत्र रूपक कुमार अंबुज शुरू से ही सामाजिकता और आदर्श के प्रति समर्पित रहते थे। धर्मपत्नी प्रीति कुमारी 11 वर्षीय पुत्र वैभव अंजुम उर्फ प्रीतम एवं 6 वर्षीय पुत्र प्रियांशु अंबुज सहित पूरे परिवार के चीख – पुकार से माहौल गमगीन बना हुआ है। दोनों बेटे फतुहा के डीपीएस विद्यालय में पढ़ते थे।
