नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
प्रखण्ड क्षेत्र अन्तर्गत लगातार वर्षा होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।प्रखंड मुख्यालय सहित ग्रामीण सड़कों की हालत – बदहाल है ।अधिकांश सड़कों पर कई दिनों से पानी जमा हुआ है।मुख्यालय में नावकोठी मध्य विद्यालय के पश्चिम सड़क पर स्थाई रूप से पानी लगा रहता है। वार्ड नंबर सात मुख्य सड़क से दीपक कुमार घर होते हुए अमरनाथ झा घर तक सड़क में पानी जम गया है।ढूंना सिंह दुकान से आगे बाजार जाने वाली सड़क पर स्थाई जल जमाव रहता है।पहसारा – मंझौल पथ की ऊंचाईकरण के कारण जल-जमाव हुआ है।छतौना में ताराकांत मिश्र घर से लेकर साहू टोल तक सड़क पर स्थाई रूप से पानी जमा है।छतौना पुल पर जाने के लिए वीरेंद्र सिंह घर से लेकर बूढ़ी गंडक नदी तक मुख्य सड़क में पानी लगा रहता है।वहीं विश्वनाथ चौधरी घर के समीप सौ मीटर तक भगवती स्थान जाने वाली मुख्य सड़क पर भी काफी जल जमाव बना रहता है। जबकि छतौना पूल जाने वाली सड़क नवनिर्मित है। पहसारा हरे राम सिंह गेट के नजदीक श्री कृष्ण मंदिर के निकट मुख्य सड़क पर पानी ही पानी है।इधर खेती किसानी में भी पानी का दुष्प्रभाव पड़ा है।मकई और रैंचा सहित अगतिया खेती को पीछे धकेल दिया है।इलाके के कृषि योग्य निचली जमीन में पानी का जमाव हो गया है। नावकोठी में लक्षूडोभ, ब्रांडों,चाप,डुमरिया चौर,करैंटांर आदि में जल जमाव से खेती पर विपरीत असर पड़ा है। जगह-जगह धान की फसल गिर जाने से भी कुछ किसान प्रभावित हुए हैं।आंधी तूफान में केला के फसल पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है।केला का घौर गिरने से किसान चिंतित हैं। सरकार और विभाग को समय रहते खेती पर विशेष ध्यान देना होगा। 86 वर्षीय सेवा निवृत शिक्षक लक्ष्मी सिंह, उपेंद्र सिंह,रामस्वरूप साह,महेश सिंह,वीरेंद्र सिंह,जयप्रकाश सिंह, अजीत कुमार सिंह, शंभू सिंह आदि का कहना है कि अक्टूबर में मकई,रैंचा आदि फसल की बुवाई हो जाती है। लेकिन इस बार खेतों में जल जमाव के कारण अक्टूबर में बुवाई नहीं हो पाएगी।
