[responsivevoice_button voice=”Hindi Female” buttontext=”Listen to Post”]
गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगूसराय
वीरपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित पश्चिम पंचायत के हाथी घर के समीप आयोजित नौ दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के तीसरे दिन उमरी श्रधालुओं की भीड़!
भागलपुर से पधारे कथा वाचक किशोरी वैदेही शरण जी माहाराज ने श्रीमदभागवत कथा के प्रसंग में शुकदेव जी के जन्म और शंकर पार्वती जी के संवाद से संबंधित कथा को बरे हीं मार्मिक और रोचक प्रसंग से मौजूद श्रोताओं के मन मुग्ध को मोहते हुए भक्ति रस से सराबोर करती रही।

कथा के माध्यम से उन्होंने भगवान भोलेनाथ के द्वारा मां पार्वती जी को नींद आने और एक सुग्गा के बच्चे को उस संवाद में सामील होने, शिवजी को कुपित होने और शुक के बच्चे को मारने के उद्देश्य से उसका पीछा करने तथा शुक के बच्चे अपनी जान बचाने के लिए भागते हुए महर्षि व्यास जी आश्रम में पहुंच कर उनकी पत्नी डिबिका के मुंह में समा जाने और मुंह के रास्ते गर्भ में चल जाने, महर्षि व्यास जी की पत्नी डिबिका के गर्भ से बारह वर्षों के बाद जन्म लेने की कथा और वे ही बालक शुकदेव जी के नाम से प्रसिद्ध हुए से संबंधित कथा को कथा वाचक वैदेही शरण जी महाराज ने अपने प्रवचन के दौरान श्रद्धालुओं को सुनाते हुए भावविभोर कर दिया।
मौके पर पूर्व मुखिया पंकज कुमार सिंह, रणजीत पंडित, टुन टुन पंडित, कैलाश राय, शिवजी शर्मा, अधिवक्ता धन्नजय कुमार, शिझक प्रभात कुमार, पैक्स अध्यक्ष प्रमोद चौधरी, सेवक पंडित के शहित हजारों श्रधालु मौजुद थे।


