नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
पुण्यसलिला बूढ़ी गंडक नदी के तट पर शिव स्वरूप विस्तृत वट वृक्ष की सौम्या छाया व निर्माणाधीन काली मंदिर के प्रांगण में पूर्वजों तथा मानवीय सद्गुणों के सिंधु धर्म अनुरागी स्वo मदन मोहन प्रसाद सिंह बड़े बाबू के द्वारा स्थापित वृहद पूजनोत्सव परंपरा अनुसार इस वर्ष भी मां काली की पूजा अनुष्ठान बुधवार को विधि- विधान पूर्वक की गई।यह पूजा लगातार सैकड़ों साल पहले से आयोजित होती आ रही है।
15 ब्राह्मणों के द्वारा यह पूजन उत्सव किया गया।इस पूजा में आचार्य सुधीर झा के नेतृत्व में वार्षिक काली पूजा की गयी।काली पूजा के दौरान लगभग सवा लाख से अधिक पार्थिव महादेव की पूजा प्रतिवर्ष की जाती है जो इस वर्ष भी किया गया। पूजा के बाद सभी श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण किया जाता है।इस प्रसाद की खासियत यह है कि इस प्रसाद को बांध के पार यानी गांव में नहीं ले जाया जा सकता।जो भी प्रसाद बच जाता है उसे बूढ़ी गंडक नदी में प्रवाहित कर दिया जाता है।

कालांतर में यह मंदिर वटवृक्ष के गोद में थी जो लगभग 5 एकड़ में फैली हुई थी।बाद में मंदिर का रूप दिया गया। कोषाध्यक्ष मनोज पाठक ने बताया कि इस मंदिर के निर्माण में अभी तक लगभग ₹65 लाख से अधिक खर्च किया गया है।
इस मंदिर को देखने और पूजा करने कोलकाता सहित अन्य राज्यों से भी श्रृद्धालु पहुंचते हैं।जिन की मान्यता पूरी हो जाती है वो यहां पूजा पाठ और बलि भी चढ़ाते हैं।काली मां की ख्याति बहुत दूर-दूर तक फैली हुई है,लेकिन राज्य सरकार के नजर में अभी तक नहीं आया है।पर्यटन की दृष्टिकोण से इस मंदिर पर ध्यान देने की जरूरत है।

हरिद्वार के पंडित ज्वाला महाराज के द्वारा एक चांदी का मुकुट और सोने का बड़ा नथ दान किया गया है।इस अवसर पर 4 बजे से देर रात्रि तक जागरण का प्रोग्राम भी कराया गया।लगभग 1 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।वहीं मुखिया संघ के महासचिव, प्रखंड अध्यक्ष व नावकोठी के मुखिया राष्ट्रपति कुमार बिड्डू ने बताया कि सदियों पुराने एक महर्षि आए थे,जिन्होंने एक छोटा सा बरगद के पेड़ की स्थापित करते हुए मां काली मूर्ति स्थापित की थी।उसके बाद वही बट वृक्ष बढ़ते- बढ़ते मां के मंदिर का रूप ग्रहण कर लिया।
वही डॉ मारुति नंदन,डॉ जितेंद्र कुमार,डॉ प्रिय रंजन कुमार सहित संपूर्ण ग्रामीणों का सहयोग इस मंदिर को मिलता रहा है।इस अवसर पर अध्यक्ष सनोज कुमार, कुमोद सिंह,डा० अरविंद कुमार, रामविलाश सिंह अमीन,सरोज कुमार, धीरेन्द्र कुमार,कर्मशील गौतम,नीतिश जयसवाल,देवेंद्र दास सहित सैकड़ों कार्यकर्ता,ग्रामीण तथा दूर-दूर से आए श्रद्धालु मां काली की वार्षिक पूजा में भाग लिया।
