गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
भूमाफिया, अपराधी और पुलिस-प्रशासन के कथित गठजोड़ के खिलाफ बखरी के कारगिल चौक पर सामाजिक संगठन जन पहल की ओर से महापंचायत का आयोजन किया गया।
महापंचायत की अध्यक्षता बखरी नगर परिषद की उपसभापति ज्ञानती देवी ने की, जबकि संचालन विजय मुखिया ने किया। कार्यक्रम में जिले के कई सामाजिक कार्यकर्ता, बुद्धिजीवी और अधिवक्ताओं ने अपने विचार रखे।महापंचायत को संबोधित करते हुए जन पहल के संयोजक विकास वर्मा ने कहा कि बखरी थाना से मात्र 50 मीटर की दूरी पर एक अत्यंत गरीब मुस्लिम धोबी परिवार के घर-दुकान को दिनदहाड़े लूटकर उसकी जमीन कब्जाने की कोशिश की गई, जो बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना पुलिस-प्रशासन और भूमाफियाओं की सांठगांठ को उजागर करती है। यदि गरीबों और असली जमीन मालिकों को उजाड़ने की कोशिश बंद नहीं हुई तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
वामपंथी चिंतक डॉ. रविन्द्र सिंह ने कहा कि बखरी भूमि संघर्ष की ऐतिहासिक धरती रही है। यदि भूमाफिया और प्रशासन मिलकर गरीबों, दलितों और अल्पसंख्यकों को बेदखल करने की कोशिश करेंगे तो जनता इसका पुरजोर विरोध करेगी। जन पहल कोर कमेटी सदस्य संतोष ईश्वर ने कहा कि पूरे बिहार में भूमाफिया और पुलिस गठजोड़ द्वारा गरीबों की जमीन लूटने का खतरनाक खेल चल रहा है, जिसके खिलाफ समाज को एकजुट होना होगा।
जनकवि बाबा दीनानाथ सुमित्र ने दोषी पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग की। सीपीआई के सहायक अंचल मंत्री सुरेश सहनी ने आरोप लगाया कि बखरी नगर वार्ड-17 के पार्षद पति मो. जब्बार और उनके देवर मो. जुबैर ने फर्जी रजिस्ट्री के आधार पर 112 वर्षों से रह रहे असली जमीन मालिक मो. तैयब साफी और उसके परिवार को उजाड़ने की साजिश रची है। उन्होंने कहा कि पार्टी पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।
महापंचायत को जयप्रकाश, मौलाना बदूद हाफी, रामश्रय सिंह, एआईएसएफ के रोशन कुमार सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। अंत में रामपुर और मक्खाचक गांव के सैकड़ों लोगों ने प्रस्ताव पारित कर तैयब साफी पर दर्ज मुकदमा वापस लेने, उनकी रिहाई, भूमाफियाओं पर कड़ी कार्रवाई और पुलिस-प्रशासन से निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की।
