गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
बखरी प्रखंड क्षेत्र के नवसृजित प्राथमिक विद्यालय चकचनरपत में मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत सुरक्षित शनिवार का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर सह फोकल शिक्षक मो. फैयाज अहमद ने बच्चों को अगलगी से होने वाले खतरे तथा विद्युतघात से बचाव के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि भारत में आग लगने की घटनाओं के कारण प्रतिवर्ष हजारों लोगों की जान चली जाती है तथा हजारों करोड़ रुपये की आर्थिक क्षति होती है। एक अनुमान के अनुसार प्रतिदिन औसतन लगभग 48 लोग आग की घटनाओं में मारे जाते हैं। अगलगी की अधिकांश घटनाएं शॉर्ट सर्किट और लापरवाही के कारण होती हैं। यदि छोटी-छोटी सावधानियों को अपनाया जाए तो इस गंभीर आपदा से बचा जा सकता है।
श्री अहमद ने बच्चों को बताया कि गैस, लाइटर, माचिस, मोमबत्ती तथा अन्य ज्वलनशील पदार्थों को बच्चों की पहुंच से दूर रखना चाहिए। खाना बनाते समय सूती कपड़े पहनने चाहिए तथा रसोई घर में हमेशा एक बाल्टी पानी भरकर रखना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि भीगे शरीर से बिजली के उपकरणों को नहीं छूना चाहिए और समय-समय पर बिजली की वायरिंग की जांच व मरम्मत करानी चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान शरीर में आग लगने की स्थिति में अपनाए जाने वाले “रुको, लेटो और लुढ़को” गतिविधि का मॉकड्रिल कर बच्चों को अभ्यास भी कराया गया।
इस मौके पर प्रधान शिक्षक राम कुमार सहनी, सहायक शिक्षक सुरेश कुमार, ममता कुमारी, विकास पासवान, कृष्ण कुमार पंडित, कुमारी वंदना तथा बाल प्रेरक मोहित कुमार, देव बाबू माही, आर्यन कुमार, आदर्श कुमार, देव कुमार सहित विद्यालय के सभी बच्चे उपस्थित थे।
