नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
नावकोठी प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत चैत्र नवरात्रि की शुरूआत कल गुरुवार से।हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का पर्व आस्था,भक्ति और शक्ति की उपासना का सबसे पवित्र समय माना जाता है।मान्यता है कि नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा पृथ्वी पर अपने भक्तों के बीच आती हैं और उनकी सच्ची श्रद्धा से की गई प्रार्थनाओं को स्वीकार करती हैं।
पंडित माधव पाठक व रतीश मिश्रा ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र नवरात्रि की शुरुआत आज यानी 19 मार्च,गुरुवार से होगी और इसका समापन 27 मार्च, शुक्रवार को होगा।पूरे नौ दिनों तक चलने वाले इस पर्व में मां दुर्गा के नौ अलग- अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है।हर दिन देवी के एक विशेष रूप को समर्पित होता है और उसी के अनुसार भक्त पूजा-अर्चना करते हैं। इन दिनों श्रद्धालु व्रत रखते हैं,मां दुर्गा की आरती करते हैं और घरों में कलश स्थापना कर देवी का आह्वान करते हैं।शुभारंभ 19 मार्च (गुरुवार) से हो रहा है,जिसमें सुबह 6:52 बजे से 7:43 बजे के बीच कलश स्थापना (घटस्थापना) का सर्वोत्तम समय है।
भक्त सुबह 6:52 से 8:14 बजे के बीच या दोपहर 12:05 से 12:53(अभिजीत मुहूर्त) के बीच घटस्थापना कर सकते हैं।इस वर्ष मां दुर्गा डोली पर आ रही हैं।प्रारंभ (प्रतिपदा): 19 मार्च 2026 (गुरुवार) – मां शैलपुत्री पूजा समापन (नवमी): 27 मार्च 2026 (शुक्रवार) दुर्गा अष्टमी/ कन्या पूजन: 26 मार्च 2026 (गुरुवार) को किया जाएगा।
नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों (नवदुर्गा) की पूजा की जाती है,जो शक्ति, ज्ञान और पवित्रता का प्रतीक हैं।पहला दिन (प्रतिपदा): मां शैलपुत्री (पर्वतराज हिमालय की पुत्री) – देवी के पहले स्वरूप की पूजा,
दूसरा दिन (द्वितीया): मां ब्रह्मचारिणी (ज्ञान और तपस्या की देवी), तीसरा दिन (तृतीया): मां चंद्रघंटा (सौम्य और कल्याणकारी),चौथा दिन(चतुर्थी): मां कुष्मांडा (ब्रह्मांड की रचयिता),पांचवां दिन (पंचमी): मां स्कंदमाता (स्कंद या कार्तिकेय की माता),छठा दिन (षष्ठी): मां कात्यायनी (ऋषि कात्यायन की पुत्री),सातवां दिन (सप्तमी):मां कालरात्रि (दुष्टों का विनाश करने वाली),आठवां दिन (अष्टमी): मां महागौरी (शांति और सुख की देवी),नौवां दिन (नवमी): मां सिद्धिदात्री (सभी प्रकार की सिद्धियां देने वाली) की पूजा के साथ नवरात्रि का समापन होता है।धार्मिक मान्यता है कि सही मुहूर्त में घटस्थापना करने से घर में सुख,समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है।
