गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/ बेगुसराय
भवानंदपुर पंचायत के इंदिरा चौक के समीप डॉ. भीमराव अंबेडकर विचार मंच के मैदान में आयोजित राष्ट्रीय संतमत सत्संग के 40वें अधिवेशन के पहले दिन गुरुवार को महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही इलाके में भक्ति का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ विभिन्न स्थानों का भ्रमण कर की। इसके बाद सभी श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर प्रवचन का श्रवण करने लगे। पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।

मुख्य प्रवचनकर्ता परम पूज्य महर्षि योगानंद परमहंस जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि सत्संग का अर्थ है सत्य की संगति करना।
उन्होंने बताया कि सत्य के मार्ग पर चलने से मनुष्य के जीवन के विकार दूर होते हैं और वह सही दिशा में आगे बढ़ता है। उन्होंने कहा कि सजीव और निर्जीव सभी प्राणियों पर दया करना ही सच्चा धर्म है। साथ ही गरीब, असहाय और लाचार लोगों की सेवा को उन्होंने आज के समय की सबसे बड़ी सेवा बताया।

उन्होंने सत्संग के महत्व और मानव जीवन में उन्नति के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला, जिसे उपस्थित श्रद्धालुओं ने बड़े ध्यान से सुना और सराहा।
इस मौके पर सुभाषानंद जी महाराज, रामचंद्र बाबा, निर्मल बाबा, मुखिया दीपक कुमार समेत आयोजन समिति के बबलू चंद्रवंशी, रंधीर सिंह, अनील सिंह, शान्तनु सिंह, युगल किशोर सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं के बीच धार्मिक पुस्तकों का भी वितरण किया गया, जिससे लोगों में खासा उत्साह देखा गया।
