गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
मुंसिफ कोर्ट बखरी में लगभग 47 वर्षों से लंबित टाइटल सूट संख्या 124/79 का आखिरकार निष्पादन कर दिया गया। वर्ष 1979 में दायर यह वाद व्यास झा बनाम माना देवी एवं अन्य के बीच चल रहा था, जिसकी सुनवाई मुंसिफ विशाल सिन्हा की अदालत में की जा रही थी।
मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों, दस्तावेजों तथा गवाहों के बयानों पर अदालत ने विस्तार से विचार किया। लंबे समय तक चली न्यायिक प्रक्रिया के बाद न्यायालय ने सभी तथ्यों और कानूनी पहलुओं का गहन अध्ययन करते हुए अपना निर्णय सुनाया। अपने आदेश में अदालत ने प्रतिवादी पक्ष के पक्ष में फैसला देते हुए उन्हें राहत प्रदान की।
बताया जाता है कि यह मामला वर्ष 1979 से न्यायालय में लंबित था और विभिन्न कारणों से इसकी सुनवाई समय-समय पर प्रभावित होती रही। करीब पांच दशक के बाद इस वाद के निष्पादन से न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण अध्याय पूर्ण हुआ है।
फैसले के बाद जहां प्रतिवादी पक्ष में संतोष का माहौल देखा गया, वहीं वादी पक्ष में हलचल तेज हो गई है। स्थानीय अधिवक्ताओं के अनुसार, अदालत का यह निर्णय प्रस्तुत साक्ष्यों और विधिक आधारों पर पूरी तरह आधारित है, जो भविष्य में इसी प्रकार के मामलों के लिए मार्गदर्शक साबित हो सकता है।अदालत के इस फैसले के बाद पूरे क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। इस वाद के निष्पादन में पेशकार संतोष कुमार एवं आर्यन कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रयास से लंबे समय से लंबित इस मामले का सफलतापूर्वक निपटारा संभव हो सका।
