नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
नावकोठी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत विष्णुपुर भगवती स्थान के प्रांगण में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महायज्ञ के दूसरे दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।वृंदावन धाम के प्रसिद्ध संत एवं कथावाचक ब्रजराज दास जी महाराज ने व्यासपीठ से कथा सुनाते हुए भक्ति,गुरु महिमा और आध्यात्मिक जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कथा के दौरान महाराज जी ने कहा कि गुरु और संतों के सानिध्य में रहने से मनुष्य को सच्चा ज्ञान प्राप्त होता है।गुरु ही अज्ञान के अंधकार को दूर कर आत्मा को प्रकाश की ओर ले जाते हैं।उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि मनुष्य अपने निजी स्वार्थ के कारण भक्ति और ज्ञान से दूर होता जा रहा है।सांसारिक मोह-माया में उलझकर वह अपने जीवन के असली उद्देश्य को भूल बैठा है।
ब्रजराज दास जी ने भक्ति को जीवन का आधार बताते हुए कहा,भक्ति का मार्ग ही जीवन में शांति और सकारात्मकता का आधार है।जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान की शरण में जाता है, उसके जीवन के कष्ट स्वतः समाप्त हो जाते हैं।दूसरे दिन की कथा में बड़ी संख्या में श्रोता व भक्तगण उपस्थित रहे।
भजन-कीर्तन और जयकारों से पूरा प्रांगण गूंजता रहा।आयोजन समिति ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी।शनिवार को कथा में कृष्ण- रुक्मिणी विवाह और बाल लीलाओं का प्रसंग सुनाया जाएगा।
मौके पर मुखिया प्रभा देवी,पैक्स अध्यक्ष मनोहर महतों,टुनटुन पोद्दार,अमित कुमार, चंदन पोद्दार,रोहित पोद्दार सहित गणमान्य ग्रामीण श्रीमद्भागवत कथा में भाग लिया।
