नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
बेगूसराय में साइबर अपराध का एक ऐसा बड़ा नेटवर्क सामने आया है जिसने पुलिस प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों की भी चिंता बढ़ा दी है।साइबर थाना पुलिस ने करोड़ों रुपए की ऑनलाइन ठगी से जुड़े मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है,जिसका बैंक खाता देशभर में साइबर फ्रॉड के पैसों के लेन-देन के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने अपना बैंक खाता महज 3 लाख 75 हजार रुपए में साइबर अपराधियों को बेच दिया था और उसी खाते के जरिए करीब 15 करोड़ 25 लाख रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया।मामले का खुलासा तब हुआ जब साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई पटना से बेगूसराय पुलिस को इनपुट मिला।
इसके बाद साइबर थाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।जांच के दौरान फुलवड़िया थाना क्षेत्र निवासी सुनील कुमार को गिरफ्तार किया गया। जब पुलिस ने उसके बैंक खाते का डिटेल खंगाला तो जांच अधिकारियों के भी होश उड़ गए।पिछले 8 महीनों में इस खाते को लेकर देशभर के अलग -अलग राज्यों से 205 शिकायतें दर्ज पाई गईं।
पुलिस जांच में सामने आया कि यह खाता साइबर अपराधियों के लिए म्यूल अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल हो रहा था। यानी लोगों से ठगी गई रकम पहले इसी खाते में जमा कराई जाती थी और फिर उसे कई अन्य खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था ताकि असली अपराधियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाए।पूछताछ में आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि इस नेटवर्क में तीन और लोग शामिल हैं, जिनकी तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि अब साइबर अपराधी गांव और छोटे शहरों के लोगों को लालच देकर उनके बैंक खाते खरीद रहे हैं।कुछ लोग पैसों के लालच में अपना खाता दे देते हैं,लेकिन उन्हें यह अंदाजा भी नहीं होता कि वही खाता करोड़ों की ठगी का जरिया बन जाएगा।पुलिस का कहना है कि इस तरह के मामलों में खाताधारक भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ जाते हैं।
फिलहाल बेगूसराय साइबर थाना की विशेष टीम पूरे नेटवर्क की तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है।पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि किसी भी लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड,मोबाइल नंबर या ओटीपी किसी दूसरे को इस्तेमाल के लिए न दें,नहीं तो वे भी साइबर अपराध के बड़े जाल में फंस सकते हैं।
