नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
नावकोठी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हेल्थ एंड वैलनेस सेंटर देवपुरा में राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। डॉ पूजा कुमारी,मुखिया प्रभा देवी,एसटीएस सुजीत कुमार,एक्सरे टेक्निशियन मनीष कुमार,नवीन कुमार, एएनएम शारदा कुमारी ने संयुक्त रूप से फीता काटकर शिविर का उद्घाटन किया।
शिविर में उपस्थित लोगों को टीबी के विभिन्न लक्षणों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।इनमें दो सप्ताह से अधिक खांसी आना,मुंह से खून आना, बुखार,थकान,सीने में दर्द,सांस लेने में तकलीफ, रात में पसीना आना,गर्दन में गांठ और बांझपन शामिल थे।विशेष रूप से उच्च जोखिम वाली आबादी जैसे 60 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति, मधुमेह रोगी, एचआईवी संक्रमित और लंबी बीमारियों से ग्रस्त लोगों को टीबी होने की अधिक संभावना बताई गई।ऐसे व्यक्तियों को सतर्क रहने और समय पर बलगम तथा एक्स -रे जांच कराने की सलाह दी गई।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि टीबी का इलाज आमतौर पर छह महीने तक चलता है और दवाएं संबंधित टीबी मरीज को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं।संदिग्ध टीबी मरीजों के बलगम की जांच जिला क्षय रोग उन्मूलन केंद्र बेगूसराय में निःशुल्क करवाई जाती है।इसके अतिरिक्त,टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत इलाज समाप्त होने तक प्रति माह 1000 रुपये डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजे जाते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर टीबी का इलाज निःशुल्क प्रदान किया जाता है।इस शिविर के माध्यम से आयुष्मान कार्ड,टीवी जांच,बीपी, शुगर जांच,एएनसी जांच,परिवार नियोजन परामर्श और एचपीवी टीकाकरण भी किया जाएगा।
शिविर में 45 टीवी के संदिग्ध मरीजों का स्क्रीनिंग किया गया।वहीं 10 ब्लड शुगर, 40 बीपी,19 एएनसी और 25 टीवी मरीजों का बलगम जांच हेतु संग्रह किया गया है।इस कार्यक्रम के दौरान सदानंद भारती,आशा कार्यकर्ता एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।
