नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/ बेगुसराय
नावकोठी प्रखंड क्षेत्र के जयमंगला राजनीति पुस्तकालय, महेशवारा में रविवार को पंचायत के प्रथम यशस्वी मुखिया एवं शिक्षाविद स्वर्गीय जगदीश प्रसाद सिंह की स्मृति में भव्य तोरण द्वार निर्माण को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें जनसेवा, शिक्षा और सामाजिक सरोकारों के प्रति समर्पित व्यक्तित्व बताया।
प्रो. वाल्मीकि प्रसाद सिंह और सीताराम सिंह ने कहा कि आजादी के बाद पंचायत गठन के उपरांत स्व. जगदीश प्रसाद सिंह लगातार 22 वर्षों तक महेशवारा पंचायत के मुखिया रहे। उनके कार्यकाल में जनसहयोग से स्कूल, पुस्तकालय, पंचायत भवन, डाकघर, पैक्स सहित कई संस्थाओं की स्थापना हुई। बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री श्रीकृष्ण सिंह के कार्यकाल में महेशवारा पंचायत को पूरे बिहार में आदर्श पंचायत घोषित किया गया था।
वक्ताओं ने कहा कि सीमित सरकारी संसाधनों के बावजूद उन्होंने गांव के चौक-चौराहों पर लालटेन जलाने की व्यवस्था कराई तथा सड़कों का जाल बिछाकर विकास को नई दिशा दी। वे हिंदी, संस्कृत, अंग्रेजी और गणित के विद्वान शिक्षक होने के साथ-साथ स्काउट एवं फुटबॉल के प्रशिक्षक तथा समाजसेवी भी थे। मेधावी छात्र-छात्राओं के प्रति उनका विशेष लगाव था और उनके कार्यकाल में यहां के कई विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय और राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया।
बैठक में उनकी स्मृति में एक फाउंडेशन की स्थापना करने का भी प्रस्ताव रखा गया, जिसके माध्यम से प्रत्येक वर्ष मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना और महेशवारा पंचायत को पुनः आदर्श पंचायत बनाने की दिशा में कार्य करना हम सभी का दायित्व है।
इस अवसर पर सुधीर सिंह, राजेश कुमार, पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार, हरिहर सिंह, वार्ड सदस्य अरविंद सिंह, जयप्रकाश सिंह, राजेंद्र महतो, सुनील सिंह, टुनटुन सिंह समेत अन्य लोगों ने तन, मन और धन से इस अभियान में सहयोग देने का संकल्प लिया।
बैठक में सर्वसम्मति से कमेटी का गठन किया गया। मिथिलेश प्रसाद वर्मा को अध्यक्ष, राजेश कुमार को सचिव तथा राजेंद्र महतो को कोषाध्यक्ष चुना गया। वहीं छह सदस्यीय कार्यकारिणी समिति में पैक्स अध्यक्ष संजीव कुमार, सुधीर सिंह, डॉ. जयप्रकाश सिंह, टुनटुन सिंह, सुनील सिंह और प्रो. संजय कुमार को शामिल किया गया। पांच सदस्यीय संरक्षक मंडल में अधिवक्ता नवल किशोर सिंह, सीताराम सिंह, प्रो. वाल्मीकि प्रसाद सिंह, हरिहर सिंह एवं वार्ड सदस्य अरविंद सिंह को निर्विरोध चुना गया। बैठक में सुशील सिंह, छट्टू सिंह सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
