दो वर्ष पहले बना 19 लाख रुपये का नाला बेकार, निर्माण में अनियमितता का आरोप
नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
चेरिया बरियारपुर प्रखंड की सकरबासा पंचायत स्थित गढ़सायल मुख्य मार्ग की स्थिति इन दिनों काफी बदहाल है। बिना बारिश के भी सड़क पर स्थायी रूप से जलजमाव रहने से लोगों का पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। यह सड़क चेरिया बरियारपुर प्रखंड को जोड़ने वाला महत्वपूर्ण मार्ग है, जिससे प्रतिदिन छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। सड़क पर जलजमाव और कीचड़ के कारण राहगीरों, वाहन चालकों तथा स्थानीय ग्रामीणों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि करीब दो वर्ष पहले सड़क किनारे लगभग 19 लाख रुपये की लागत से नाले का निर्माण कराया गया था। उनका आरोप है कि निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के उपयोग के कारण नाला कुछ ही महीनों में कई स्थानों पर टूटने और उखड़ने लगा। इससे नाले का उद्देश्य पूरा नहीं हो सका और सड़क पर हमेशा जलजमाव की स्थिति बनी रहती है।
ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया सुरेंद्र राम पर आरोप लगाया है कि नाला निर्माण का कार्य कमीशन के आधार पर दूसरे व्यक्ति से कराया गया, जिसके कारण निर्माण की गुणवत्ता प्रभावित हुई। हालांकि इस संबंध में मुखिया का पक्ष प्राप्त नहीं हो सका है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार चेरिया बरियारपुर के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) से लिखित एवं मौखिक शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है। इससे ग्रामीणों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार करीब 500 मीटर तक सड़क पर जलजमाव और कीचड़ रहने से आए दिन लोग फिसलकर घायल हो जाते हैं। गंदा पानी जमा रहने से मच्छरों का प्रकोप भी बढ़ गया है, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति का असर सामाजिक जीवन पर पड़ रहा है। शादी-विवाह जैसे आयोजनों में लोगों को भारी परेशानी होती है। कई बार लड़की या लड़के का रिश्ता देखने आने वाले लोग सड़क की स्थिति देखकर बिना घर पहुंचे ही लौट जाते हैं।
इस संबंध में ग्रामीण दिनेश यादव, शंभू यादव, बैजनाथ महतो, रामप्रवेश महतो, कारी यादव, अरविंद यादव और राज कुमार यादव ने प्रशासन से नाला निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा सड़क और नाले की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।


