नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
चेरियाबरियारपुर प्रखंड के श्रीपुर पंचायत स्थित वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बंद होने से आसपास की पांच पंचायतों में पेयजल संकट गहरा गया है। प्लांट से बूढ़ी गंडक नदी का पानी शुद्ध कर चेरियाबरियारपुर, श्रीपुर, खंजाहपुर, मेहदशाहपुर और पवड़ा पंचायत के लाखों लोगों को पेयजल उपलब्ध कराया जाता था। प्लांट बंद होने के बाद इन क्षेत्रों में लोगों को पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्लांट का संचालन कर रही गैनन डंकरेले एंड कंपनी के अधिकारियों के अनुसार कंपनी का मूल अनुबंध छह माह पहले समाप्त हो चुका था। इसके बावजूद एक्सटेंशन के आधार पर प्लांट का संचालन जारी रखा गया। कंपनी का दावा है कि पीएचईडी विभाग पर लगभग 19 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित है, जिसके कारण प्लांट का संचालन जारी रखना संभव नहीं हो सका।
कंपनी का कहना है कि उसने प्लांट बंद करने की सूचना और 14 जुलाई तक का अल्टीमेटम पहले ही पीएचईडी के वरीय अधिकारियों, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी, बीडीओ तथा चेरियाबरियारपुर प्रशासन को लिखित रूप से दे दिया था। निर्धारित समय तक कोई समाधान नहीं निकलने पर 16 जुलाई की शाम से प्लांट का संचालन बंद कर दिया गया।
कर्मचारियों के अनुसार क्लोरीन एवं ब्लीचिंग पाउडर जैसे आवश्यक रसायनों का स्टॉक समाप्त हो गया है। लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण कंपनी इन सामग्रियों की खरीद नहीं कर पा रही है, जिससे जल शोधन कार्य पूरी तरह ठप हो गया है।
इधर पानी की आपूर्ति बंद होने से पांचों पंचायतों के लोगों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब प्लांट चालू कर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो पांचों पंचायत के लोग प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर आमरण अनशन भी शुरू करेंगे।


