गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
नगर स्थित श्री विश्वबंधु पुस्तकालय का 70वां वार्षिकोत्सव सोमवार देर शाम धूमधाम और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। समारोह का समापन बच्चों के बीच पारितोषिक वितरण के साथ किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार विधान परिषद सदस्य सर्वेश कुमार, नगर परिषद की उपसभापति ज्ञानती देवी, डायट के डॉ. अर्जुन पासवान, प्रो. रविन्द्र राकेश, संरक्षण समिति के सदस्य वैद्यनाथ केसरी एवं नंदलाल पंडित ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
मुख्य अतिथि एमएलसी सर्वेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि पुस्तकालय समाज का दर्पण होता है और यहां सजी पुस्तकें जीवन की सबसे बड़ी पथप्रदर्शक होती हैं। उन्होंने कहा कि उनका जुड़ाव बचपन से ही पुस्तकालय से रहा है और यहां उपलब्ध पुस्तकों के अध्ययन ने उनके जीवन को दिशा दी। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोगों के पास किताबों और साहित्य के लिए समय कम होता जा रहा है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने समय की आवश्यकता बताते हुए पुस्तकालय के डिजिटलीकरण पर विशेष जोर दिया।
पूर्व नगर पार्षद सिधेश आर्य ने कहा कि वर्तमान समय में बच्चों, पुस्तकालय और साहित्य के बीच दूरियां लगातार बढ़ रही हैं, जिन्हें कम करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को मोबाइल की बजाय पुस्तकों से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे उनमें रचनात्मकता, मौलिकता, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों का विकास होगा।

पूर्व अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, जयदेव सान्याल, सुरेंद्र केसरी एवं नीरज नवीन ने एमएलसी सर्वेश कुमार से पुस्तकालय के विकास में आगे भी सहयोग एवं योगदान देते रहने का आग्रह किया।
इस अवसर पर उपसभापति ज्ञानती देवी, सीपीआई नेता जितेंद्र जीतू, संरक्षण समिति के सदस्य वैद्यनाथ केसरी, नंदलाल पंडित, प्रो. आजाद सिंह राठौर तथा दिनेश चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पुस्तकालय के अध्यक्ष संतोष गुड्डु ने की, जबकि संचालन सचिव अमित पोद्दार एवं कोमल आर्य ने संयुक्त रूप से किया। धन्यवाद ज्ञापन उपाध्यक्ष पवन कुमार सुमन ने किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में संयोजक नीरज राय, प्रभारी राजन कुमार, कोषाध्यक्ष कुंदन केसरी, अंकेक्षक पंकज केसरी, निर्वाचन पदाधिकारी प्रेमकिशन मन्नू तथा कार्यसमिति के सदस्य राजीव, राहुल, सूरज, शशि, संतोष, अमन, विकास सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


