नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगूसराय
नावकोठी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक,माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को फाइलेरिया(हाथी पांव) रोग से बचने के लिए उनके उम्र और ऊचाई के आधार पर दवा खिलाया गया।इस अवसर पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजीव रंजन चौधरी ने बताया कि फाइलेरिया(हाथीपांव) की बीमारी एक परजीवी के कारण होता है जिसे मादा क्यूलेक्स मच्छर के द्वारा फैलाया जाता है।
हाथीपांव की बीमारी के परजीवी जब सूक्ष्म रूप में होता है तभी उसे नष्ट कर सकते है। जवान होने की स्थिति में इसे समाप्त नहीं किया जा सकता।यही कारण है कि परजीवी को नष्ट करने के लिए पूरे समुदाय को आईडीए की दवाई खिलाई जाती है। परजीवी के बड़े होने की स्थिति में मानव शरीर के लासिका तंत्र को बाधित करता है, परिणाम स्वरूप पैरों में सूजन होती है।एक बार पैर में सूजन हो जाने के बाद इसे ठीक नहीं किया जा सकता है। इसलिए फाइलेरिया होने के पहले ही जब सूक्ष्म रूप में परजीवी होता है तब उसे मारा या नष्ट किया जा सकता है।यही कारण है कि समुदाय को एक साथ दवाई खिलाई जाती है।
फाइलेरिया या हाथीपांव उन्मूलन का यह अभियान 10 फ़रवरी से घर घर का खिलाया गया।अब शिर्फ स्कूलों में अभियान चलाकर 28 फ़रवरी तक फाइलेरिया रोधी दवा खिलाई जाएगी।इस दवाई को सामने ही खिलाना होता है।कई लोग बाद में खा लेंगे दवाई दे दीजिए कहकर दवा लेते हैं, लेकिन दवा नहीं खाते है जो बीमारी होने पर उनके लिए ही जिंदगी भर सहना पड़ेगा। फाइलेरिया की दवा पूर्णतः सुरक्षित है।
इस दौरान स्वास्थ्य प्रबंधक आनंद ईश्वर, बीसीएम ऊषा कुमारी, पीरामल से चन्दन कुमार,आशा फैसिलेटर संगीता कुमारी, रुक्मिणी देवी, अंजू कुमारी,कंचन कुमारी एवं आशा कार्यकर्ता मौजूद थे।
