गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/ बेगुसराय
वीरपुर से पकठौल और वीरपुर पीएचसी जाने वाली सड़क पर करीब 10 वर्षों से जलजमाव की समस्या झेल रहे ग्रामीणों का गुस्सा गुरुवार को फूट पड़ा। सड़क पर जमा पानी अब दुर्गंधयुक्त कीचड़ में तब्दील हो चुका है। करीब 200 मीटर सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों ने कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक, सांसद और प्रखंड से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों से समस्या के समाधान की गुहार लगाई, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही।
गुरुवार को एक ऐसी घटना हुई, जिसने लोगों के आक्रोश को और बढ़ा दिया। बताया गया कि एक अभिभावक अपने बच्चे को बाइक से स्कूल छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान कीचड़ और जलजमाव के बीच बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बच्चा सड़क किनारे जमा गंदे पानी और कीचड़ में जा गिरा। हादसे में बच्चे को चोटें आईं और उसके सिर में भी गंभीर चोट लगी।

घटना को मौके पर मौजूद कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष संजीव कुमार ने देखा। इसके बाद उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ता डॉ. गीता प्रसाद सिंह, दिवाकर गौतम, मोहम्मद अशरफ समेत स्थानीय लोगों के साथ मिलकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने सड़क पर धान की रोपाई कर वीरपुर-पकठौल सड़क और वीरपुर पीएचसी पथ को बांस-बल्ला, बेंच और कुर्सी लगाकर जाम कर दिया।
सड़क जाम की खबर फैलते ही वीरपुर और आसपास के दर्जनों गांवों के कांग्रेस, राजद, सीपीआई और भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ-साथ स्थानीय व्यवसायी भी समर्थन में पहुंच गए। स्थानीय दुकानदारों ने करीब पांच घंटे तक अपनी दुकानें बंद रखकर प्रदर्शन का समर्थन किया।

इस दौरान ई-रिक्शा, टेंपो, दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ शिक्षक, छात्र और छात्राएं भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने विधायक, सांसद और जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने “जब तक रोड नहीं, तब तक वोट नहीं” जैसे नारे लगाते हुए सड़क की समस्या का जल्द समाधान करने की मांग की।
ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से सड़क की समस्या को लेकर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

इधर, सड़क जाम की सूचना मिलने पर सीओ भाई वीरेंद्र, थानाध्यक्ष राजू रंजन कुमार, वीरपुर पूर्वी मुखिया प्रतिनिधि राम प्रवेश सिंह और वीरपुर पश्चिम पंचायत के मुखिया त्रिपुरारी कुमार समेत अन्य लोग मौके पर पहुंचे। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर समस्या के समाधान के लिए दो दिन का समय देने का आग्रह किया।
आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने सड़क से बांस-बल्ला हटा लिया, जिसके बाद करीब पांच घंटे से बाधित यातायात दोबारा शुरू हो सका। प्रदर्शन के दौरान मौके पर सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे।


