विजय भारती ब्यूरो AV भारत न्युज बेगुसराय
जिला विधिक सेवा प्राधिकार व्यवहार न्यायालय के द्वारा शुक्रवार तेयाय कालेज में राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान के अन्तर्गत छात्रों को कानून की कई महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।
व्यवहार न्यायालय के जज करूणानिधि प्रसाद आर्या ने कहा कि छात्रों और नौजवानों को उनके अधिकार और कर्त्तव्य को जानना जरूरी है। उन्होनें कहा कि न्यायालयों में बढ़ते मुकदमों का बोझ को देखते हुए न्यायिक व्यवस्था ने दो पक्षों के बीच उत्पन्न विवाद को सुलझााने के लिए मध्यस्था करने की जरूरत समझी।

जिला जज ने कहा कि लोगों को मुकदमा नही, समाधान चुनना चाहिए। समाज में शांति और न्याय के लिए यह सबसे सुगम और सस्ता रास्ता है। जज ने बताया कि कई ऐसे वाद हैं जो आसानी से मध्यस्थता के सहारे हल किए जा सकते हैं। लेकिन मुकदमों के द्वारा उसे वर्षों वर्षों खींचा जाता है।
मौके पर अधिवक्ता सुधा कुमारी ने कहा कि वर्षों से लंबित जमीनी मामले को भी मध्यस्थता के सहारे आसानी से हल किए जा सकते हैं। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके विरूद्ध कोई अपील में नहीं जा सकता है।
एनएसएस और एनसीसी के द्वारा आयेाजित कार्यक्रम का संचालन प्रो प्रदीप कुमार ने किया जबकि प्रो शैलेन्द्र कुमार, ने आए अतिथियों का स्वागत किया। मौके पर डॉ पूनम सिन्हा, डॉ सुनील कुमार सिंह, प्रो फूलन कुमार सिंह, अशोक कुमार सहित दर्जनों छात्र मौजूद थे।
