नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगूसराय
अब हार जीत को लेकर अटकलों का बाजार गर्म रिकॉर्ड वोटिंग ने बदल दी चुनावी गणित, 69.75% वोटिंग से एनडीए और महागठबंधन दोनों की धड़कन तेज।बखरी विधानसभा का चुनाव छह नवम्बर को मतदान के साथ सभी नोटा सहित 11 उम्मीदवारों का किस्मत इवीएम में बंद हो गया। 14 नवंबर को मतों की गिनती ही हार जीत का फैसला करेगा।चुनाव संपन्न होने के बाद जहां प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत की सांस ली है।वहीं स्थानीय नेताओं, कार्यकर्ताओं व वोट के ठेकेदारों के सिर से चुनावी बुखार व हार जीत का जुनून उतरने का नाम नहीं ले रहा है । चुनाव के बाद पड़े वोट का जोड़ घटाव व गुणा भाग को लेकर चौक – चौराहों और चाय पान की दुकानों पर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है।चाय की चुस्की और पान की गिलोरी के साथ हार जीत की अटकलें लगाई जा रही है।किसकी जीत और किसकी हार होगी सभी अपने-अपने ढंग से कयास लगने में जुट गए हैं।दिलचस्प बात यह है कि सब कुछ समझ जाने के बाद भी अटकलों का बाजार दूसरे की सटीक तर्क व दलील को मानने समझने के लिए तैयार नहीं है।हार-जीत के दावे को लेकर एनडीए में लोजपा और महागठबंधन में भाकपा के समर्थकों के बीच विशेष जीत हार पर बहस चल रही है।इस बहस में जन सुराज के कार्यकर्ता पीछे नहीं हैं। हालांकि निर्दलीय भी ताल ठोक रहें हैं।चुनाव करा कर लौटे सरकारी कर्मियों से बूथों पर पड़े वोट के रुझान को जानने के लिए लोग पसीना बहा रहे हैं । बहरहाल चर्चाओं में आमने-सामने का मुकाबला होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।बखरी विधानसभा में 1952 से अब तक इतना वोट कभी नहीं पड़ा था।इतना बड़ा उछाल क्या महिलाओं को भेजे गए 10 हजार रुपया या नौकरी का लालच,इतनी बड़ी संख्या में लोगों को घर से बाहर खींच सका। बखरी विधान सभा के नावकोठी प्रखंड में 73 बूथ पड़ते हैं।वहीं चेरिया बरियारपुर विधान सभा का नावकोठी प्रखंड में 21 बूथ पड़ता है।
