नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता नावकोठी/बेगुसराय
नावकोठी प्रखंड के पहसारा पूर्वी पंचायत में गुरुवार को एक दिवसीय कृषि उत्पादन क्लस्टर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में किसानों, जीविका दीदियों, किसान प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को संगठित कर कृषि उत्पादन को बढ़ावा देना, सामूहिक खेती की अवधारणा को मजबूत करना तथा उत्पादन से लेकर विपणन तक की आधुनिक जानकारी उपलब्ध कराना था।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को बताया गया कि कृषि उत्पादन क्लस्टर के तहत एक निश्चित क्षेत्र में एक ही प्रकार की फसल का वैज्ञानिक एवं योजनाबद्ध तरीके से उत्पादन किया जाएगा। इससे खेती की लागत कम होगी, फसल की गुणवत्ता में सुधार आएगा और किसानों को अपनी उपज का बेहतर बाजार मूल्य मिल सकेगा। साथ ही बीज, उर्वरक, कीटनाशक एवं अन्य कृषि आदानों की सामूहिक उपलब्धता भी आसान होगी।
कार्यक्रम में मुख्य प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित एसएमएस शिवचंद्र कुमार ने किसानों को कृषि उत्पादन क्लस्टर की आवश्यकता और उसके लाभों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में केवल उत्पादन बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि बाजार की मांग के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और उसकी बेहतर मार्केटिंग भी उतनी ही जरूरी है।
उन्होंने किसानों से वैज्ञानिक खेती अपनाने, उन्नत बीजों का चयन करने, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, फसल विविधीकरण तथा समय पर कृषि कार्य करने की अपील की। उन्होंने बताया कि यदि किसान समूह बनाकर एकीकृत रूप से खेती करेंगे तो उन्हें सरकारी योजनाओं, तकनीकी सहायता, प्रशिक्षण, बाजार से जुड़ाव और अन्य कृषि सुविधाओं का अधिक लाभ मिलेगा।
प्रशिक्षण के दौरान कृषि उत्पादों की ग्रेडिंग, पैकेजिंग, भंडारण और विपणन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। किसानों को बताया गया कि गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर सही समय पर बाजार तक पहुंचाने से बेहतर मूल्य प्राप्त किया जा सकता है। इसके अलावा किसान उत्पादक समूहों और सामूहिक विपणन की उपयोगिता पर भी विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम के अंत में किसानों ने कृषि उत्पादन क्लस्टर की पहल का स्वागत करते हुए इसे पंचायत स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने की सहमति जताई। साथ ही वैज्ञानिक खेती अपनाकर सामूहिक प्रयासों से कृषि उत्पादन और विपणन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण के समापन पर सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने गांव के अधिक से अधिक किसानों को इस अभियान से जोड़ने और कृषि उत्पादन क्लस्टर को सफल बनाने का आह्वान किया गया।


