नवीन कुमार मिश्रा AV भारत न्युज संवाददाता बेगुसराय
अनुमंडल मुख्यालय मंझौल स्थित जयमंगला स्कूल के पीछे बना शताब्दी मैदान करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद आज भी खिलाड़ियों के लिए उपयोगी नहीं बन सका है। लगातार हो रही बारिश के बाद पूरा मैदान पानी से लबालब भर गया है और झील जैसा दृश्य प्रस्तुत कर रहा है। ऐसे में सुबह-शाम अभ्यास करने वाले खिलाड़ियों, दौड़ लगाने वाले युवाओं और टहलने आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले करीब 25 वर्षों के दौरान पंचायती राज संस्थाओं, विधायक एवं सांसद निधि तथा विभिन्न खेल विकास योजनाओं के माध्यम से मैदान के विकास पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये तक खर्च किए गए। इसके बावजूद जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई। नतीजा यह है कि बारिश का पानी मैदान में जमा हो जाता है और बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं होने के कारण कई दिनों तक भरा रहता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि समय-समय पर मैदान में मिट्टी भराई, दर्शकों के बैठने के लिए सीढ़ियों का निर्माण और कार्यक्रमों के लिए मंच बनाए गए, लेकिन मूल समस्या जलनिकासी की ओर कभी गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया। उनका कहना है कि विकास कार्यों में सरकारी राशि तो खर्च हुई, लेकिन उसका अपेक्षित लाभ खिलाड़ियों और स्थानीय लोगों को नहीं मिल सका।
बारिश के कारण मैदान का एक छोर से दूसरे छोर तक पानी भर गया है। वॉलीबॉल और क्रिकेट खेलने के स्थान पूरी तरह जलमग्न हैं, जिससे खेल गतिविधियां पूरी तरह ठप हो गई हैं। स्थानीय युवा शिवम कुमार सहित कई खिलाड़ियों ने बताया कि मैदान की समस्या वर्षों पुरानी है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका। उनका कहना है कि विकास योजनाओं के नाम पर राशि खर्च होती है, लेकिन धरातल पर उसका प्रभाव दिखाई नहीं देता। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर दबाव बनाने की कोशिश की जाती है।
शताब्दी मैदान की बदहाल स्थिति को लेकर स्थानीय खेलप्रेमियों और युवाओं में नाराजगी है। उनका कहना है कि मंझौल जैसे अनुमंडल मुख्यालय में खिलाड़ियों के लिए एक बेहतर खेल मैदान तक उपलब्ध नहीं है। बरसात के मौसम में यह मैदान कई महीनों तक पानी से भरा रहता है, जबकि अन्य समय कीचड़ के कारण अभ्यास करना मुश्किल हो जाता है।
स्थानीय लोगों और खिलाड़ियों ने शताब्दी मैदान के विकास कार्यों की उच्चस्तरीय जांच कराने, जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा मैदान को जल्द से जल्द खेल योग्य बनाने की मांग की है।


