गौरव कुमार AV भारत न्युज संवाददाता बखरी/बेगूसराय
श्री विश्वबंधु पुस्तकालय में दान राशि के दुरुपयोग का आरोप, छात्रों व पाठकों में आक्रोश बखरी नगर परिषद क्षेत्र की प्रतिष्ठित साहित्यिक एवं शैक्षणिक संस्था श्री विश्वबंधु पुस्तकालय की गरिमा को आहत करने वाला मामला सामने आया है। छात्रों की मांग पर पुस्तक खरीद के लिए भूमिदाता परिवार के एक सदस्य द्वारा दी गई 10 हजार रुपये की दान राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया है।आरोप है कि दिसंबर 2024 में पुस्तकालय के वर्तमान सचिव प्रिंस सिंह ने यह दान राशि पुस्तकालय खाते में जमा कराने के बजाय सीधे अपने निजी बैंक खाते में ट्रांसफर करवा ली।
बताया जा रहा है कि करीब छह महीनों तक इस राशि का निजी उपयोग किया गया। इस अवधि में न तो पुस्तकें खरीदी गईं और न ही दान राशि का कोई लेखा-जोखा पुस्तकालय के अभिलेखों में दर्ज किया गया।मामले का खुलासा तब हुआ जब दानदाता और जागरूक पाठकों ने लगातार पूछताछ और जांच-पड़ताल शुरू की। दबाव बढ़ने और सवालों के घेरे में आने के बाद लगभग छह माह बाद पूरी दान राशि पुस्तकालय को वापस की गई।
घटना के उजागर होते ही पुस्तकालय से जुड़े छात्रों, पाठकों और साहित्य प्रेमियों में आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि जिस संस्था को ज्ञान, ईमानदारी और संस्कारों का केंद्र माना जाता रहा है, वहां इस प्रकार की वित्तीय अनियमितता अत्यंत दुखद और शर्मनाक है।
इस संबंध में पुस्तकालय के पूर्व सचिव आलोक आर्यन ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर नैतिक व प्रशासनिक कार्रवाई तथा भविष्य में दान व आय-व्यय को लेकर पारदर्शी व्यवस्था लागू करने की मांग की है।वहीं, आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए पुस्तकालय सचिव प्रिंस सिंह ने कहा कि तकनीकी कारणों से दान की राशि अस्थायी रूप से उनके खाते में चली गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब पूरी 10 हजार रुपये की राशि पुस्तकालय को वापस कर दी गई है।
