गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगूसराय
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के वरिष्ठ नेता एवं जनसंघर्षों के प्रतीक कॉमरेड राम विलास महतों के निधन से वीरपुर प्रखंड सहित पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई। वे लगभग 80 वर्ष के थे। सोमवार को पटना स्थित एम्स अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके निधन की खबर मिलते ही सीपीआई कार्यकर्ताओं, नेताओं और क्षेत्र के लोगों में शोक व्याप्त हो गया। उनका पार्थिव शरीर जैसे ही जगदर स्थित उनके आवास पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। वीरपुर प्रखंड के अलावा जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता, समर्थक और ग्रामीण श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
कॉमरेड राम विलास महतों ने वर्ष 1977 में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। उस समय क्षेत्र में गरीबों, मजदूरों और किसानों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ वे संघर्ष के मैदान में सक्रिय रूप से उतर गए थे। उन्होंने जीवनभर सामाजिक कुरीतियों, सामंती सोच और भ्रष्ट प्रशासनिक व्यवस्था के खिलाफ आवाज बुलंद की तथा गरीब, मजदूर और किसान वर्ग के हक और अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष किया।
उनके पार्थिव शरीर पर पूर्व सांसद Shatrughan Prasad Singh, सीपीआई जिला मंत्री Awadhesh Rai सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित कर लाल सलाम पेश किया। श्रद्धांजलि देने वालों में राज किशोर सिंह, जुलूम सिंह, प्रह्लाद सिंह, किसान नेता राम प्रताप नारायण सिंह, चंद्रप्रकाश नारायण सिंह, सुरेश पासवान, राम प्रवेश सिंह, मुन्ना प्रसाद सिंह, राजिंदर चौधरी, रीता चौरसिया, रंजीत यादव, रामाज्ञा महतों और जय जय राम राय सहित अन्य लोग शामिल थे।
नेताओं ने बताया कि राम विलास महतों करीब 20 वर्षों तक मुखिया रहे। इसके बाद उन्होंने जिला पार्षद के रूप में भी जनता की सेवा की। अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वे हमेशा गरीबों, मजदूरों और किसानों की आवाज बनकर उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहे। उनकी शव यात्रा में उमड़ी भारी भीड़ ने उनके प्रति लोगों के सम्मान और लोकप्रियता को दर्शाया।
