बड़े पुत्र वैभव अंबुज ने मुखाग्नि दी
अशोक कुमार ठाकुर AV भारत न्युज संवाददाता तेघड़ा/बेगूसराय
फतुहा थाना के पूर्व थानाध्यक्ष रूपक कुमार अंबुज का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह उनके पैतृक आवास पिढ़ौली पहुंचा, जिससे माहौल गमगीन हो गया। पटना जिला के फतुहा थाना में बीमारी से पूर्व थाना अध्यक्ष पद पर तैनात रहे रूपक कुमार अंबुज का पार्थिव शरीर रविवार की सुबह पटना से तेघड़ा प्रखंड स्थित बाजितपुर पीढौली उनके पैतृक आवास पर पहुंचा। शव देख माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के विलाप-चीत्कार से लोगों की आंखें नम रहीं। रूपक कुमार अंबुज की धर्मपत्नी प्रीति कुमारी बार-बार उनकी देह पकड़कर कहती रहीं कि उठिये, घर चलिये। बाहर धूप है…। यह दृश्य देख लोगों का कलेजा मुंह को आ गया। पार्थिव शरीर के साथ में आए फतुहा थाना के थाना अध्यक्ष, तेघड़ा थाना के तमाम अधिकारी आदि उनके घर पहुंचकर परिजनों का हालचाल लेते हुए उन्हें सांत्वना देते रहे।

वरीय पुलिस अधिकारियों व जवानों ने उनके पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अंतिम सलामी दी। शव यात्रा में हजारों की संख्या मैं लोग शामिल हुए। पूरा क्षेत्र रूपक अमर रहे के नारों से गूंजायमान रहा । अंतिम अंत्योष्ठि अयोध्या मिथिला गंगा धाम घाट पर की गई। जहां उनके बड़े पुत्र वैभव अंबुज उर्फ प्रीतम ने मुखाग्नि दी। रूपक अंबुज बिहार पुलिस के 2009 बैच के दरोगा थे। प्रोन्नति के बाद इंस्पेक्टर बने। और फिर फतुहा थाना के थाना अध्यक्ष रहे। डेंगू की शिकायत मिलने के बाद करीब एक महीना तक उनका इलाज दिल्ली के गंगाराम अस्पताल में चल रहा था। 26 सितंबर 2025 शुक्रवार को उनकी मौत की खबर आई। उत्क्रमित मध्य विद्यालय बाजितपुर की सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका चंद्रकला देवी एवं बिहार कांग्रेस कमेटी के सदस्य राजेंद्र पासवान के छोटे पुत्र एवं कांग्रेसी नेता सरोज पासवान के भांजे थे। उन्होंने अपने पीछे पत्नी और दो पुत्र छोड़ गए। शव यात्रा में शामिल पूर्व विधायक ललन कुंवर, सेवानिवृत्त डीएसपी सह भाजपा नेता सुनील कुंवर, जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष चुनचुन राय, कांग्रेस के प्रखंड अध्यक्ष सुरेंद्र प्रसाद सिंह, जिला सचिव रविशंकर कुमार, मुखिया अनुराग प्रताप सन्नी, दीपक कुमार, जीवेश कुमार, राम बाबू साह आदि ने रूपक कुमार अंबुज के प्रति शोक जताया।
