गोपल्लव झा AV भारत न्युज संवाददाता वीरपुर/बेगुसराय
विन मौसम आई तेज आंधी और बारिश ने वीरपुर प्रखंड क्षेत्र के किसानों की कमर तोड़कर रख दी है। अचानक बदले मौसम ने जहां खेतों में खड़ी फसलों को बर्बाद कर दिया, वहीं किसानों के सामने अब भविष्य और बेटियों की शादी जैसे बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
शुक्रवार की देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने वीरपुर थाना क्षेत्र के नौला, डीह, भवानंदपुर, वीरपुर पूर्वी, वीरपुर पश्चिम, गेंन्हरपुर, जगदर, पर्रा, सहुरी, मैदा, भवन्नगामा, रत्नमन व भभनगामा पंचायतों में भारी तबाही मचाई। किसानों के खेतों में लगी गेहूं, मक्का, सरसों, टमाटर, हरी सब्जियां, आम और लीची के पेड़-पौधे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। इसके साथ ही पशुओं के लिए रखा गया हरा चारा भी बर्बाद हो गया।

इस आपदा के बाद किसानों के सामने अब आर्थिक संकट गहराता नजर आ रहा है। कई किसानों ने बताया कि उन्होंने खाद, बीज और कीटनाशक दवाइयों के लिए कर्ज लिया था, यहां तक कि घर के जेवर तक गिरवी रखकर खेती में पैसा लगाया था। उम्मीद थी कि इस बार अच्छी पैदावार होगी तो बेटी की शादी कर पाएंगे, लेकिन प्रकृति की इस मार ने उनकी सारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
किसान राजीव कुमार चौधरी, मनोज राय, अर्जुन सिंह, फुल्टन राय, पप्पू यादव, अभिनाश प्रसाद सिंह, केदार हजारी और गोपाल झा समेत सैकड़ों किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पंचायत स्तर पर वार्ड सदस्य, कृषि सलाहकार, राजस्व कर्मचारी और दो किसानों को मिलाकर जांच कमेटी बनाई जाए, ताकि सही आकलन कर फसल क्षति का मुआवजा दिया जा सके।

किसानों ने स्थानीय विधायक और सांसद से भी अपील की है कि वे किसानों के कर्ज माफी के लिए पहल करें और जल्द से जल्द मुआवजा राशि सीधे किसानों के खातों में भेजी जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जो जमीन मालिक खुद खेती नहीं करते, उन्हें इस योजना से बाहर रखा जाए, क्योंकि इससे छोटे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ती है।
इधर, बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। शुक्रवार शाम करीब 6 बजे से लेकर शनिवार दोपहर 12 बजे तक बिजली गायब रही, जिससे आम लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी। मोबाइल चार्ज करने, खाना बनाने और पानी की व्यवस्था तक के लिए लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
